अब मैं तुम्हे कैसे बताऊं?

            A Hindi Poem 

        by

           Tanisha Kabra 

        B.A Sem I

Pic: Pexels 


अब तुम्हे कैसे बताऊं, मेरे लिए क्या हो तुम, 

 सुबह की पहेली सूरज की किरण हो तुम,

 मेरी जिंदगी में चाय में एक्स्ट्रा चीनी वाली मिठास हो तुम,

 खिलते गुलाब की ख़ुशबू हो तुम...

 

अब तुम्हे कैसे बताऊं, मेरे लिए क्या हो तुम,

 मेरी इन आँखों का सुकून और दिल का चैन हो तुम 

अँधेरे आसमान में पूनम का चाँद हो तुम,

 मेरे पूरे दिन खुश रहने की एक इकलौती वजह हो तुम, 

अब मैं तुम्हे कैसे बताऊं?

  मेरे लिए क्या हो तुम...


Edited by: MDD 

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